7607529597598172
हिंदी पल्लवी: अक्तूबर 2019
हिंदी पल्लवी
साहित्यिकअंकुरण की यात्रा
पेज
मुखपृष्ठ
प्रकाशित साझा पुस्तकें
पुरस्कार व सम्मान
बुधवार, 30 अक्टूबर 2019
प्रजातंत्र के रक्षक हो तुम
प्रजातंत्र है जिम्मेदारी
जन जन इसका है अधिकारी
अधिकार जो तुमको है पाना
कुछ कर्म भी करते जाना
समुद्र की गहरी हलचल में
हंस बनो इक मोती चुनो
चुनना तुम्हारा कर्म -धर्म है
तुम प्रजातंत्र के रक्षक हो।
पल्लवी गोयल
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)